इंदौर ने बनाया नया विश्व रिकॉर्ड: रेवती रेंज में 13.10 लाख पेड़ों की गिनती का दावा, एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने किया प्रमाणित
इंदौर, 9 अगस्त। स्वच्छता के बाद अब हरित विकास के क्षेत्र में भी इंदौर ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करने का दावा किया है। रविवार को रेवती रेंज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने घोषणा की कि क्षेत्र में वर्तमान में 13,10,012 जीवित पेड़ मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार, किसी एक स्थान पर लाखों पौधे लगाकर उन्हें दो वर्षों में पेड़ों के रूप में विकसित करने का यह विश्व रिकॉर्ड है।
इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान रेवती रेंज में 51 हजार पौधों का पौधारोपण भी किया गया।
2024 में लगाए गए थे 12.41 लाख से अधिक पौधे
आयोजकों के अनुसार, वर्ष 2024 में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में इंदौरवासियों ने रेवती रेंज में 12,41,000 से अधिक पौधे एक ही दिन में लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद पौधों के संरक्षण के लिए नर्सरी विकसित की गई, ताकि नष्ट होने वाले पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाए जा सकें। वर्ष 2025 में भी यहां एक लाख पौधों का अतिरिक्त रोपण किया गया।
"पौधे लगाना ही नहीं, उन्हें जीवित रखना भी बड़ी उपलब्धि"
एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़े संस्था के अध्यक्ष अंतिम जैन ने कहा कि रिकॉर्ड के लिए केवल पौधारोपण नहीं, बल्कि दो वर्षों तक पौधों के संरक्षण और उनकी जीवित स्थिति का भी सूक्ष्म परीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर नगर निगम और शहरवासियों के संयुक्त प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हुई।
बी.एल. संतोष बोले- इंदौर ने प्रधानमंत्री के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाया
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को इंदौर ने वास्तविक सफलता तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले केवल रिकॉर्ड बनाने के उद्देश्य से पौधे नहीं लगाए गए थे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए यह अभियान शुरू किया गया था।
उन्होंने कहा कि इंदौर ने पहले स्वच्छता में देशभर के लिए मिसाल कायम की और लगातार दस वर्षों से देश का सबसे स्वच्छ शहर बना हुआ है। अब शहर ग्रीन सिटी बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, विकसित हो रही रेवती रेंज भविष्य में "ऑक्सीजन क्लिनिक" की तरह कार्य करेगी।
कैलाश विजयवर्गीय बोले- अब हरित क्रांति का संदेश देगा इंदौर
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि 9 अगस्त भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ का दिन है और यह दिन नई सकारात्मक क्रांति का संदेश देने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि पेड़ शिव स्वरूप हैं, जो कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। उन्होंने लोगों से अपने जन्मदिन पर कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया।
विजयवर्गीय ने कहा कि इस वर्ष इंदौर में 21 लाख पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है और यह अभियान प्रत्येक रविवार को जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इंदौर स्वच्छता के बाद अब हरित विकास में भी पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा।
महापौर बोले- ग्रीन एरिया 9% से बढ़ाकर 14% करने का लक्ष्य
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर को क्लीन सिटी के साथ-साथ ग्रीन सिटी बनाने के उद्देश्य से शहर के ग्रीन एरिया को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में पौधारोपण अभियान लगातार बढ़ाया गया है और इस वर्ष 21 लाख पौधों का लक्ष्य रखा गया है।
रेवती रेंज में बनेगा फल उद्यान, भविष्य में होगी आय
उन्होंने बताया कि रेवती रेंज में विकसित किए जा रहे फल उद्यान से आने वाले वर्षों में नगर निगम को आय प्राप्त होगी। साथ ही पौधों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आकृति भी तैयार की जा रही है, जिसे ड्रोन और हेलीकॉप्टर से देखा जा सकेगा।
सम्मान समारोह भी हुआ आयोजित
कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण अभियान में विशेष योगदान के लिए जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौड़ का सम्मान किया गया। सेना भर्ती प्रशिक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले जितेंद्र फौजी को एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया तथा वृक्षारोपण अभियान से जुड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आदेश सोनी को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक मधु वर्मा, महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, ग्रामीण अध्यक्ष श्रवण चावड़ा, भाजपा नेता संजय शुक्ला, अक्षय कांति बम, विशाल पटेल, इंदौर प्रभारी रविंद्र रावत, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में 12 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया।


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