अवैध वृद्धाश्रम में बुजुर्ग महिलाओं से बर्बरता, प्रशासन ने आश्रम किया सील, संचालिका पर दर्ज होगी FIR

 


इंदौर 30 जुलाई 2026 (योगेश सहगल) मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ मरीमाता इलाके में बिना प्रशासनिक अनुमति के संचालित हो रहे एक अवैध वृद्धाश्रम में असहाय और लाचार बुजुर्ग महिलाओं को डंडे से पीटने का एक बेहद विचलित करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने तत्काल संयुक्त रूप से कार्रवाई की है। प्रशासन ने इस अवैध संस्थान को पूरी तरह सील कर दिया है, वहीं वारदात को अंजाम देने वाले १४ वर्षीय किशोर को वैधानिक प्रक्रिया के तहत किशोर सुधार गृह (Observation Home) भेज दिया गया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से फूटा गुस्सा
यह पूरा मामला बाणगंगा थाना क्षेत्र के मरीमाता पानी की टंकी के पास स्थित 'महाराणा प्रताप वेलफेयर सोसायटी' (प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम) का है। किसी व्यक्ति द्वारा बनाए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक लड़का हाथ में डंडा लेकर रोती-चीखती बुजुर्ग महिलाओं पर बेरहमी से वार कर रहा है।
शौचालय तोड़कर बनाया गया था अवैध परिसर
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर मल्हारगंज एसडीएम निधि वर्मा की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच में कई चौंकाने वाले और अमानवीय तथ्य सामने आए। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यह वृद्धाश्रम बिना किसी वैध अनुमति या रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से चलाया जा रहा था। इतना ही नहीं, जिस जगह पर बुजुर्गों को ठंसा गया था, वह पूर्व में एक सार्वजनिक शौचालय था, जिसे तोड़कर नियमों को ताक पर रखकर कमरों का निर्माण किया गया था।
31 बुजुर्गों का हुआ रेस्क्यू, बीमार अस्पताल भेजे गए
प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुए आश्रम में नारकीय परिस्थितियों में रह रहे सभी 31 वृद्धजनों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। एसडीएम निधि वर्मा के अनुसार:
  • स्वस्थ बुजुर्ग: सुरक्षित रेस्क्यू किए गए स्वस्थ वृद्धों को तुरंत गांधी नगर स्थित सरकारी निराश्रित आश्रम और गणेश वृद्धाश्रम में स्थानांतरित कर दिया गया है।
  • बीमार बुजुर्ग: जिन बुजुर्गों की तबीयत खराब थी या जिन्हें चोटें आई थीं, उन्हें तत्काल इलाज के लिए शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मां की मौत के बाद मानसिक तनाव में था किशोर
अतिरिक्त उप-पुलिस आयुक्त (ACP) रुबीना मिजवानी ने बताया कि हमला करने वाला लड़का महज 14 वर्ष का है। वह करीब पांच महीने पहले अपनी मां के साथ इस आश्रम में आया था। उसकी मां गंभीर रूप से झुलस गई थीं, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मां की मौत के बाद से वह यहीं अकेला रह रहा था और भारी मानसिक तनाव व अस्वस्थता से गुजर रहा था।
बुधवार को किसी बात पर उसका बुजुर्ग महिलाओं से विवाद हुआ, जिसके बाद उसने आपा खोकर डंडे से हमला कर दिया। कानूनन नाबालिग होने के कारण पुलिस ने उसे हिरासत में नहीं लिया, बल्कि बाल कल्याण समिति (CWC) के माध्यम से उसे सीधे किशोर सुधार गृह भेज दिया है, जहां मनोचिकित्सकों द्वारा उसकी काउंसलिंग की जा रही है।
संस्था संचालिका पर दर्ज होगी FIR
आश्रम की संचालिका नीलम दुबे ने पुलिस पूछताछ में दावा किया कि वह गुरु पूर्णिमा की पूजा के सिलसिले में बाहर गई थीं और उनके पीछे से यह घटना हुई। हालांकि, प्रशासन ने इस दलील को खारिज करते हुए बिना अनुमति अवैध रूप से संस्था चलाने, वृद्धों की सुरक्षा में घोर लापरवाही बरतने और बाल संरक्षण नियमों के उल्लंघन के तहत संचालिका के खिलाफ कानूनी प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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